Tuesday, 27 January 2026

थोड़ी सी मुहब्बत

थोड़ी सी मुहब्बत माँगी कोई एतराज़ नहीं
हम भी तो तेरे आशिक़ हैं ये कोई राज़ नहीं 

दोस्ती, मशवरा, सब अदा करेंगे तेरी शान में 
क्या मैं शाहजहाँ और तू मेरी मुमताज़ नहीं 

तेरी याद में एक कमरा तो बनवा ही देंगे 

ये इश्क़ किसी ताजमहल का मोहताज नहीं